BHU Study: उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत में 25 फीसदी तक बढ़ेगी बारिश, गर्म दिनों में होगी बढ़ोतरी; नौ दिन घटेगी सर्द रात

संग्राम सिंह, वाराणसी।

इंसान के सामने जलवायु परिवर्तन और इसके कारण गर्म होती धरती सबसे बड़ी चुनौती है।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भू-भौतिकी विभाग के विज्ञानियों ने जलवायु परिवर्तन पर हुए एक अध्ययन में दावा किया है कि देश में ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ते उत्सर्जन के कारण वर्ष 2100 तक हर 10 वर्ष के अंतराल में 12.9 गर्म दिवस बढ़ जाएंगे, जबकि सर्द दिनों की संख्या नौ दिनों तक घटेगी।

हालांकि, इस दौरान उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत में 25 प्रतिशत तक बारिश भी बढ़ जाएगी।

जंगल कम हो रहे हैं अध्ययन के अनुसार ग्रीन हाउस गैसों का बेहिसाब उत्सर्जन तापमान और बरसात में वृद्धि और घटाव की प्रमुख वजह बनेगा।

विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि 18वीं शताब्दी में कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन 270 पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) था जो आज बढ़कर 400 पीपीएम हो चुका है।

कार्बन डाइआक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, मीथेन, व नाइट्रस आक्साइड गैसों का उत्सर्जन जिस तरह बढ़ रहा है, जंगल कम हो रहे हैं, यह ऐसे ही जारी रहा तो सारी आशंकाएं सच साबित हो सकती हैं।

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