Mukhtar Ansari: मऊ दंगे में मुख्तार की मौजूदगी ने बरपाया कहर, खुली जिप्सी में लहराते हुए फोटो हुई थी पूरे देश में वायरल

 , वाराणसी।

Mukhtar Ansari Death 14 अक्टूबर वर्ष 2005 का दिन भारत के गिने चुने सबसे बड़े दंगों में शामिल मऊ दंगे के लिए हमेशा के लिए काले अक्षरों में दर्ज हो चुका है।

शाही कटरा के मैदान में भरत मिलाप लीला के मंचन के दौरान माइक का तर नोचे जाने की घटना से उपजे विवाद ने भीषण दंगे का रूप ले लिया और फिर इस दंगे में तत्कालीन विधायक रहे मुख्तार अंसारी की मौजूदगी तथा उसकी भूमिका ने पूरे दौगे को वीभत्स रूप दे दिया।

खुली जिप्सी में हथियारबंद गुर्गों के साथ पिस्टल लिए बैठे मुख्तार का शहर में भ्रमण दंगाइयों की हौसला अफजाई के लिए काफी था।

अपराध का नंगा नाच तो मऊ की जनता ने उसे समय देखा जब सलाहाबाद मोड़ पर एक साड़ी कारखाने के मजदूर रामप्रताप यादव की गिरी लाश को देखने के लिए अनजाने में पहुंचे आसपास के दुकानदारों की भीड़ को मुख्तार अंसारी ने अपने वाहन से उतरकर खुली पिस्टल ले पैदल ही काफी दूर तक दौड़ा लिया था।

उसकी यह फोटो भी उस समय के अखबारों और पत्रिकाओं में खूब छपी थी।

इसे भी पढ़ें- मुख्तार अंसारी की मौत पर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर जताया दुख, बोले- सीबीआई जांच हो हुआ यह कि 14 अक्टूबर 2005 की भोर में मऊ की रामलीला में होने वाले भरत मिलाप के मंचन की तैयारी 13 अक्टूबर की शाम से ही आरंभ हो गई थी।

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