सरकार जारी करेगी 100 रुपये का सिक्‍का, जानें खासियत

  • सरकार जारी करेगी 100 रुपये का सिक्‍का, जानें खासियत

    संक्षेप:

    • एमजी रामचंद्रन की जन्मशताब्दी पर जारी होगा 100 का सिक्का
    • तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री थें एमजी रामचंद्रन
    • वित्‍त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

    सरकार की तरफ से 100 रुपये का सिक्‍का और 5 रुपये का नया सिक्‍का जारी किया जाएगा। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दक्षिण भारत के सुपरस्टार रहे डॉ. एमजी रामचंद्रन की जन्‍म शताब्‍दी पर सरकार की तरफ से यह घोषणा की जाएगी। इस बारे में वित्‍त मंत्रालय ने एक अधिसूचना भी जारी की है। फिलहाल चलन में चल रहे 10 रुपये और 5 रुपये के सिक्‍कों से य‍ह सिक्‍का कई मामलों में अलग होगा। सिक्के पर एमजी रामचंद्रन की आकृति होगी और इसके नीचे `DR M G Ramachandran Birth Centenary` भी लिखा होगा।

    सरकार की तरफ से जारी किए जाने वाले 100 रुपए सिक्‍के के अगले भाग के बीच में अशोक स्‍तंभ पर शेर का मुख होगा और इसके नीचे देवनागिरी लिपी में `सत्‍यमेव जयते` लिखा होगा। सिक्‍के के ऊपर रुपये का निशान और 100 रुपये का मूल्‍य भी छपा होगा। 100 रुपये का सिक्का चांदी, कॉपर, निकेल और जिंक से मिलकर बना होगा। 35 ग्राम वजन वाले इस सिक्‍के में 50 फीसदी चांदी, 40 फीसदी कॉपर, 5-5 फीसदी निकल और जिंक होगा।

    वहीं पांच रुपये के नए सिक्‍के का वजन 6 ग्राम होगा। यह सिक्‍का में 75 फीसदी कॉपर, 20 फीसदी जिंक और 5 फीसदी निकेल से मिलकर बना होगा। फिलहाल 1, 2, 5 और 10 रुपये के सिक्के चलन में हैं। इस सिक्‍के के एक भाग पर अशोक स्तंभ बना होगा। सिक्‍के के दूसरी तरफ अशोक स्तंभ के साथ एक तरफ भारत और INDIA भी लिखा होगा। साथ ही इसके नीचे अंकों में 5 लिखा होगा।

    100 रुपये के सिक्‍के की बारे में जानकारी होने पर लोगों ने वित्‍त मंत्री अरुण जेटली से 9 और 99 रुपये के सिक्‍के के बारे में जानकारी मांगी है। लोगों ने मजाकिया अंदाज में पूछा है 9 और 99 रुपये का सिक्‍का कब जारी किया जाएगा, जिससे कि हमें छुट्टे नहीं होने पर मिलने वाली टॉफी से छुटकारा मिल सके।

    कौन है एमजी रामचंद्रन
    आपको बता दें कि एमजी रामचंद्रन 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। राजनीति से पहले वह दक्षिण भारतीय फिल्मों के बड़े अभिनेता और फिल्म निर्माता थे। 17 जनवरी 1917 को श्रीलंका के कैंडी में जन्मे रामचंद्रन ने 1972 में एआईडीएमके की स्थापना की। वर्ष 1988 में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। रामचंद्रन ही पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को भी राजनीति में लेकर आए थे।

    न्यूज़ सोर्स: NYOOOZ HINDI