बुलंदशहर हिंसा: गोकशी के आरोप में गिरफ्तार बन्ने खान रिहा, जानिए पूरा मामला

संक्षेप:

  • बुलन्दशहर हिंसा का मामला
  • गोकशी के आरोप में जेल गए बन्ने खां की हुई रिहाई
  • जानिए पूरा मामला

मेरठ: बुलंदशहर के स्याना में 3 दिसंबर को हुई हिंसा के बाद गोकशी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था. शुक्रवार को जांच में निर्दोष पाए जाने पर इन सभी को रिहा कर दिया गया है.

वहीं रिहा होने वालों में एक लगभग 65 साल के बुजुर्ग बन्ने खां भी शामिल थे. बन्ने खां शुरुआत से ही अपनी बेगुनाही की बात को दुहरा रहे थे. गोकशी के आरोप में पकड़े गए नामजद लोगों में एक बन्ने खां का घर घटनास्थल से करीब 50  किलोमीटर दूर है. जेल से रिहा होने के बाद बन्ने खां का कहना है कि उन्हें बेकसूर होते हुए भी कई दिन तक जिला कारागार बुलंदशहर में गुजारना पड़ा.

इसका उन्हें काफी दुख और मलाल है. मेहनत मजदूरी करके आजीविका चलाने वाले  बुजुर्ग  के परिजनों के चेहरे पर जहां अब रौनक लौट आई है. वहीं बन्ने खां ने बताया कि जेल में उन्हें प्रताड़ित भी किया गया.

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गौरतलब है कि स्याना कोतवाली क्षेत्र के चिंगरावटी चौकी पर गोकशी की घटना के बाद हुई हिंसा में एक इंस्पेक्टर और एक नवयुवक की जान चली गई थी. इस घटना में उस वक्त पुलिस ने आनन- फानन में कार्रवाई करते हुए गोकशी के आरोप में चार नामजद लोगों को पकड़कर कर जेल भेज दिया था. वहीं इसके बाद की गई जांच में सामने आया की यह चारों नामजद आरोपी बेकसूर हैं. जांच के बाद इन चारों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया है.

रिहा हुए बन्ने खां की माने तो 65 साल की उम्र तक वह कभी स्याना गए ही नहीं. स्याना उनके गांव से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है. पुलिस के पूछताछ के दौरान बार- बार अपनी बेगुनाही की बात बताने वाले बन्ने खां पर किसी ने विश्वास नहीं किया. पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया और लगभग  सात दिन तक जेल में रहने के बाद पुलिस को मालूम हुआ कि वह चारों निर्दोष है और उन्हें छोड़ देना चाहिए. निर्दोष साबित होने के बाद जेल से वापस आने के बाद बन्ने खां दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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