मेरठ में 125 परिवारों ने किया पलायन, मुद्दा गरमाया तो CM योगी हरकत में आए

संक्षेप:

  • मेरठ में इन दिनों पलायन का मुद्दा गरम है.
  • मेरठ शहर के बीच में स्थित लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्लिम बहुल प्रह्लादनगर में बहुसंख्यक वर्ग के 425 परिवारों में से करीब 125 परिवार अपना मकान बेचकर पलायन कर चुके हैं.
  • नमो एप पर इसकी शिकायत के बाद शासन-प्रशासन अचानक सक्रिय हो उठा है.

मेरठ: मेरठ में इन दिनों पलायन का मुद्दा गरम है. नमो एप पर शिकायत के बाद सीएम कार्यालय ने इस बाबत रिपोर्ट तलब की है. आरोप है कि मेरठ शहर के बीच में स्थित लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्लिम बहुल प्रह्लादनगर में बहुसंख्यक वर्ग के 425 परिवारों में से करीब 125 परिवार अपना मकान बेचकर पलायन कर चुके हैं. नमो एप पर इसकी शिकायत के बाद शासन-प्रशासन अचानक सक्रिय हो उठा है. इनमें से अधिकांश मकानों की खरीद-बिक्री बीते पांच-छह वर्ष के भीतर हुई है.

आरोप है कि यहां के वाशिंदे दूसरे समुदाय के लोगों को औने-पौने दाम पर मकान बेचकर अन्यत्र जाने को मजबूर हैं. यहां कई मकानों व प्लाट के गेटों पर अभी भी बिकाऊ लिखा हुआ है. पलायन के संबंध में स्थानीय बीजेपी नेता व बूथ अध्यक्ष भवेश मेहता ने 11 जून को नमो एप पर पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई गई थी. पीएमओ से 11 जून को ही (ऑनलाइन) यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय को इस बारे में उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है. स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि स्टंटबाजी, फायरिंग, बहुसंख्यक समाज की महिलाओं से छेड़छाड़, पर्स, चेन, मोबाइल और कीमती सामान की लूटपाट होने लगी थी. विरोध करने पर मारपीट हो रही थी. लोगों का ये भी आरोप है कि उनके घर के सामने आपत्तिजनक चीजें भी फेंकी जा रही थीं. इस कारण से उनका जीना दुश्वार हो गया था.

सिटी मजिस्ट्रेट ने पलायन के आरोपों को बताया निराधार

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हालांकि पुलिस प्रशासन के लोग अभी भी लिपापोती में जुटे है. अपनी खामियों से पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने लोगों का ध्यान ट्रैफिक की समस्या और इलाके की छोटी मोटी समस्याओं की तरफ डायवर्ड कर दिया. पुलिस प्रशासन मानने को तैयारी नहीं है कि पलायन हो रहा है. सिटी मजिस्ट्रेट ने पलायन के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. मामला मीडिया में आने के बाद उन्होंने खुद सीओ सिटी के साथ लोगों से मुलाकात की है. उन लोगों इस तरह की किसी भी बात से इनकार किया है. हालांकि एंट्री और एग्जिट गेट पर पुलिस पिकेट लगा दिए गए हैं.

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

उधर स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस से छेड़छाड़, स्टंटबाजी और फायरिंग की शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. एक स्थानीय महिला ने बताया कि आए दिन बाइक सवार युवक घर की बेटियों से छेड़छाड़ करते हैं. यही वजह है कि लोग औने-पौने दाम पर घर बहककर जा रहे हैं.

स्थानीय संसद ने बताया स्थित गंभीर

स्थानीय बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल प्रह्लाद्नगर इलाके से बहुसंख्यक वर्ग द्वारा हो रहे पलायन पर कहा कि पहले भी इस तरह की कुछ खबरें आती थी, प्रह्लादनगर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है. तीन तरफ से मुस्लिमों से घिरा हुआ है. पहले छोटी-मोटी घटनाओं की बात आती थी, लेकिन अब यह गंभीर स्थिति है. वीकेंड पर मैं मेरठ जाऊंगा. यह बड़ी चिंता की बात है. जो भी कार्रवाई होगी की जाएगी. कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला है, इस मसले पर प्रदेश सरकार से बात करेंगे. यह समस्या बड़ी हो गई है, इसका समाधान निकाला जाएगा. लोकसभा में भी इस विषय को उठाएंगे. जो लोग अभी रह रहे हैं वे आशंकित ना हों. मैं स्वयं वहां पर जाऊंगा. मसला रात को मेरे संज्ञान में आया है और मैं सीएम योगी से बात करूंगा. उससे पहले वहां जाकर हालात का जायजा लूंगा.

सीएम ने डीजीपी व अलीगढ़ कमिश्नर को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी ओपी सिंह और अलीगढ़ कमिश्नर को सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की तह तक जाकर उचित कार्रवाई करें. मुख्यमंत्री ने मेरठ के डीएम और एसएसपी को भी सख्त लहजे में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

मुद्दे को राजनैतिक रंग देने की कोशिश

पलायन का मुद्दा गरमाते ही प्रह्लादनगर में विश्व हिन्दू महासंघ के लोग भी इकठ्ठा होने शुरु हो गये है. अब इस मुद्दे को राजनैतिक रंग भी दिया जा रहा है. विश्व हिन्दू महासंघ के लोग मुख्यमंत्री से लोगों की सुरक्षा की गुहार लगा रहे है. साथ ही इलाके के बूथ अध्यक्ष ने इस मामले की शिकायत नमो एप पर भी की है.

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