UP-बिहार में EVM से लदी मिली गाड़ियां, तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से पूछे ये तीखे सवाल

संक्षेप:

  • लोकसभा चुनाव नतीजों से ठीक पहले उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में EVM मशीन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का वीडियो सामने आया है
  • विभिन्न दलों का आरोप है कि इन EVM की मदद से सत्ताधारी दल चुनाव परिणाम को प्रभावित करना चाहता है.
  • यूपी के चंदौली से सोमवार को एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि कुछ लोग ईवीएम को गाड़ी से उतार कर एक कमरे में रख रहे हैं

लोकसभा चुनाव नतीजों से ठीक पहले उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में EVM मशीन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का वीडियो सामने आया है. विभिन्न दलों का आरोप है कि इन EVM की मदद से सत्ताधारी दल चुनाव परिणाम को प्रभावित करना चाहता है. यूपी के चंदौली से सोमवार को एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि कुछ लोग ईवीएम को गाड़ी से उतार कर एक कमरे में रख रहे हैं. यह कमरा देखने से मतगणना केंद्र की तरह दिख रहा है. इस वीडियो में समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार ईवीएम को नतीजों से एक दिन लाए जाने को लेकर सवाल उठा रहा है. वह अधिकारियों से पूछ रहा है कि आखिर इन ईवीएम को पहले क्यों नहीं लाया गया.


इन वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन ने अपनी सफाई दी है. प्रशासन की तरह से कहा गया है कि जिन ईवीएम मशीनों को गाड़ी से उतारते हुए वीडियो में दिखाया जा रहा है वह चंदौली जिले के वो 35 मशीनें हैं जिन्हें रिजर्व में रखा गया था. इन मशीनों को लाने-ले जाने की दिक्कत की वजह से एक साथ नहीं लाया गया था. हालांकि नियमों के अनुसार रिजर्व मशीन और जिन ईवीएम मशीन से मतदान हुआ है उन्हें एक साथ ही लाना या ले जाया जाना चाहिए. इन वीडियो के वायरल होने के बाद बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राजद के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से सवाल पूछा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर भारत के कई इलाकों से ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसमें ईवीएम को नतीजे से ठीक पहले उतारते देखा जा रहा है. यह क्यों हो रहा है? इन ईवीएम को कौन और क्यों ले जा रहा है? ऐसा करने के पीछे की वजह क्या है? किसी तरह की दुविधा न हो इसलिए चुनाव आयोग को चाहिए कि वह जल्द से जल्द अपना पक्ष रखे.

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