सीएम योगी बोलें- बच्चों की मौत के लिए ऑक्सीजन नहीं आंतरिक राजनीति जिम्मेदार, कफील का पलटवार

संक्षेप:

  • गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज का मामला
  • बच्चों की मौत के लिए ऑक्सीजन नहीं आंतरिक राजनीति जिम्मेदार: योगी
  • कफील का पलटवार- मरने वाले बच्चों के घरवालों के साथ मत कीजिए राजनीति

बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में पिछले साल अगस्त के महीने में हृदय विदारक घटना घटी। जापानी इंसेफ्लाइटिस का सामना करते हुए 60 से ज्यादा बच्चे काल के गाल में समा गए। उस समय ये आरोप लगा कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने लिक्विड ऑक्सीजन मुहैया कराने वाली फर्म का भुगतान नहीं किया था और उस वजह से फर्म ने ऑक्सीजन देने से मना कर दिया। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि दरअसल वो सबकुछ महज अस्पताल में आंतरिक राजनीति की वजह से हुआ था। अपने तर्कों को धार देते हुए वो कहते हैं कि अगर ऐसा हुआ होता तो वो बच्चे जो वेंटीलेटर पर थे उनकी मौत पहले हो गई होती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि अस्पताल में आतंरिक राजनीति जारी थी। इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद डॉक्टरों की काउंसलिंग कराई गई।

वहीं गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शिशुओं की मौत के मामले में डॉक्टर कफील खान ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि शिशुओं की मौत पर सीएम झूठ बोल रहे हैं। वह इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत में डॉक्टर कफील ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि यूपी के सीएम राजनीतिक लाभ के लिए झूठ बोल रहे हैं।

ये भी पढ़े : 1316 करोड़: ऐसे खड़ा किया मायावती के भाई आनंद कुमार ने नोएडा में अवैध संपत्ति का साम्राज्य


उनका कहना है कि हॉस्पिटल में शिशुओं की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई है। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकार ने दिए अपने हलफनामे में कहा है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई थी। क्योंकि ऑक्सीजन सप्लाई के लिए भुगतान नहीं किया गया था। कफील ने आगे कहा कि एक आरटीआई के जवाब में भी सरकार ने इस बात को स्वीकार किया है। इसमें बताया गया कि ऑक्सीजन सिलिंडर का भुगतान विक्रेता को नहीं किया गया। यही मेडिकल कॉलेज में सिलिंडरों की कमी का कारण था। कफील ने आगे कहा कि सीएम मामले में स्वास्थ्य मंत्री को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक साल बाद अब उन बच्चों के घरवालों के साथ राजनीति ना करें सीएम।

बच्चों की मौत मामले में आरोपी बनाए गए डॉ. कफील खान कहते हैं कि यूपी सरकार को पीड़ित परिजनों के जले पर नमक नहीं छिड़कना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि बच्चों की मौत के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई ही जिम्मेदार थी। सरकार ने कहा था कि ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली फर्म को भुगतान नहीं किया गया था इसलिए ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी गई थी। 

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य गोरखपुर ताजा समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें
हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles