कानपुर में एक बार फिर सवालों के घेरे में एनकाउंटर

संक्षेप:

  • कानपुर में एक एनकाउंटर शक के घेरे में
  • अवैध कस्टडी में रखने का लगाया आरोप
  • जानिए पूरा मामला

कानपुर: कानपुर पुलिस द्वारा किये गये सिलसिलेवार एनकाउण्टर आज एक बार फिर शक के घेरे में आ गये हैं। नौबस्ता इलाके में पुलिस ने शोएब उर्फ महबूब नामक को आमने सामने की मुठभेड़ में गोली मारने का दावा किया है। लेकिन महबूब का परिवार उसे दो दिन पहले ही पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाने और उसे अवैध कस्टडी में रखने का आरोप लगाया है।

इस बारे में बदमाश के परिवार वालों ने कुछ दस्तावेजी सबूत भी आज कोर्ट के सामने रखे जो पुलिस के लिये गले की हड्डी बन सकते हैं। इसके अलावा पुलिस के फर्जी एनकाउंटर का एक और भी सच सामने आ सकता है, अगर शोएब के जख्मी पैर  की मेडिकल पैनल से जांच कराई जाय, क्योंकि शोएब का दावा है कि  उसे कोइ गोली मारी ही नहीं गयी है बल्कि गोली का नकली घाव बनाया गया है।

यह है शोएब उर्फ महबूब अख्तर जिसे पुलिस ने आज नौबस्ता इलाके से एनकाउण्टर के दौरान पकड़ने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि शोएब अपने एक साथी के साथ चोरी के इरादे से एक मकान में घुसा था, तभी पुलिस वहां पहुंच गयी। बदमाशों ने गोलियाॅ चलायी तो पुलिस ने भी जवाबी फायर किया। एक गोली शोएब के पैर में लगी और वो वहीं गिर पड़ा जबकि उसका साथी भाग निकला। पुलिस ने शोएब के पास से एक देशी पिस्तौल और कारतूस बरामद होने का दावा किया है।

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पुलिस के दावों पर कुछ ही देर में ग्रहण लग गया जब शोएब की मां साईस्ता मीडिया के सामने कुछ दस्तावेजों के साथ प्रकट हुई। साईस्ता ने आरोप लगाया कि उसका बेटा दो दिन से पुलिस की अवैध कस्टडी में था। पिछली 20 दिसम्बर को जब वो अदालत में एक मुकदमे की सुनवाई से वापस आ रहा था, तभी पुलिस ने कचहरी के पास से उसे पकड़ लिया और दो दिनों तक उसे अलग अलग थानों में रखा गया।

शोएब की गिरफ्तारी छिपाये रखने के कारण परिवार वालों को अन्देशा हो गया कि पुलिस उसे फर्जी एनकाउण्टर में मार सकती है। इस पर तरकीब से काम लेते हुए शोएब की माॅ ने बजरिये वकील मुख्यमंत्री के ऑनलाइन कम्पलेण्ट पोर्टल पर पूरी सूचना दर्ज करा दी। इसके अलावा कोर्ट और जिलाधिकारी के यहाॅ भी इसकी लिखित सूचना दर्ज करा दी। इस तरह शोएब को पुलिस द्वारा पकड़े जाने का खेल 21 दिसम्बर को ही अभिलेखों में दर्ज हो गया जबकि पुलिस ने उसे आज कुछ घण्टे पहले एक मुठभेड़ में पकड़े जाना दिखाया।

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह भी है कि कोर्ट के सामने पेशी के लिये लाये गये शोएब ने मीडिया को चुपके से बताया कि उसे कोई गोली नहीं मारी गयी है बल्कि पुलिस ने पेंचकस की मदद से उसके पैर में गोली बराबर छेद किया है

अगर शोएब का आरोप सही है तो मेडिकल पैनल से ईमानदारी से जांच करायी जाय तो पुलिस का एक बड़ा झूठ बेनकाब हो जायगा और पूर राज्य में पुलिस की कार्यशैली पर हल्ला मच जायेगा।

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