बीएचयू में शिक्षक ने भगवान राम की जगह लगा दी अपनी तस्वीर, नाराज छात्रों ने ट्वीट कर की शिकायत

संक्षेप:

  • बीएचयू में भगवान राम की जगह अपनी तस्वीर लगाने का नया मामला सामने आया।
  • नाराज छात्रों  ने पीएमओ, मुख्यमंत्री, कुलपति समेत अन्य लोगों को ट्वीट कर की शिकायत।
  • शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वाराणसी- बीएचयू में छात्रों को गोबर पाथने की ट्रेनिंग देने के मामले में संसद में सवाल उठने के बाद अब एक शिक्षक द्वारा भगवान राम की तस्वीर की जगह अपनी तस्वीर लगाने का नया मामला सामने आया है। इसकी जानकारी होने के बाद नाराज छात्रों  ने पीएमओ, मुख्यमंत्री, कुलपति समेत अन्य लोगों को ट्वीट कर इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। 

विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय में पांच फरवरी से शुरू होकर महीने भर तक चलने वाली कला प्रदर्शनी में विभाग के शिक्षकों समेत 46 कलाकारों की ओर से चित्रकला, मूर्तिकला, वस्त्र विन्यास, छायाचित्र, सिरामिक्स, ग्राफिक डिजाइन आदि पर आधारित कलाकृतियां लगाईं गई हैं।

इसी में विभाग के ही असिस्टेंट प्रोफेसर ने भी अपनी और से तैयार कलाकृतियां लगाई हैं। जिसमें एक तस्वीर में शिक्षक ने भगवान राम की जगह अपनी तस्वीर लगाई है।  इसकी जानकारी होने पर छात्रों ने पीएमओ, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कुलपति कार्यालय, यूपी पुलिस को ट्वीट कर संबंधित शिक्षक की भगवान राम वाली तस्वीर भी भेजी है। छात्रों ने इसे अमर्यादित बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी भी दी है कि यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन भी करेंगे। 

ये भी पढ़े : अंधविश्वास और गरीबी ने ली बेटी की जान, 5 दिन तक घर में शव के साथ रहे परिवार के 11 लोग


कोई भी कलाकार अपनी अभिव्यक्ति के लिए स्वतंत्र है
कोई भी कलाकार अपनी अभिव्यक्ति के लिए स्वतंत्र है। मूर्तिकला विभाग के संबंधित शिक्षक ने प्रभुश्रीराम की तस्वीर में अपनी तस्वीर लगाकर लोकअभिव्यक्ति के भावों को इस फोटो के माध्यम से प्रदर्शित किया है। मेरी समझ से एक कलाकार के रुप में ऐसा चित्र बनाने के पीछे शिक्षक की कोई गलत मंशा नहीं है। छात्रों ने उनसे खुद मिलकर बात करने को कहा है।-प्रो. हीरालाल प्रजापति, संकाय प्रमुख, दृश्य कला संकाय 

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य वाराणसीकी अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles