वाराणसीः शहर में आइपीडीएस के तहत खोदी गईं सड़कें ला रही मुसिबतें

संक्षेप:

  • वाराणसी के पक्के महाल क्षेत्र में खोदी गईं सकड़ें
  • हल्की बारिश से लोगों को उठानी पढ़ती है दिक्कतें
  • आईपीडीएस के तहत खोदी गई हैं सड़कें

वाराणसीः शहर के पक्के महाल क्षेत्र अगर हल्की बारिश हो जाए तो शहरवासियों के चलने लायक नहीं जाता है। सड़क नहीं बनने या जगह-जगह धंसने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात में उबड़-खाबड़ सड़कों पर लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

पुरानी काशी में भूमिगत लाइन डालने के बाद कार्यदायी संस्था पावर ग्रिड ने नगर निगम को खोदी गई सड़कों और गलियों को दुरुस्त करने लिए बजट नहीं दिया है जो दिया वह काफी कम है। इतना ही नहीं, अभी तक पावर ग्रिड ने 10 किलोमीटर सड़क का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं दिया जिससे उन मार्गों पर नगर निगम काम शुरू करा सके।

दरअसल, पुरानी काशी में एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (आइपीडीएस) के तहत 432 करोड़ से 96.04 किलोमीटर सड़कों और गलियों में भूमिगत लाइन डाली गई है। खोदी गई सड़कों और गलियों से परेशान शहरवासियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री से लेकर प्रशासनिक अफसरों से शिकायत की थी।

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राज्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ तिवारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए खोदी गई सड़कों को तत्काल दुरुस्त करने को कहा था। बनारस दौरे के दौरान नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने नाराजगी जाहिर करते हुए बारिश से पहले खोदी गई सड़कों और गलियों का काम खत्म करने का निर्देंश दिया था।

पावर ग्रिड को एक-एक मार्गों का काम पूरा करने के साथ एनओसी देने को कहा था जिससे नगर निगम बनाता चले लेकिन ऐसा हो नहीं सका। सड़कों को बनाने के लिए नगर निगम ने 17 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर पावर ग्रिड को भेजा था लेकिन अभी तक उन्हें 3.67 करोड़ रुपये मिला, इतने का काम लगभग नगर निगम कर चुका है।

वहीं नगर निगम के मुख्या अभियंता कुलभूषण वाष्र्णेय ने कहा कि आइपीडीएस ने अभी तक 85.908 किलोमीटर की एनओसी दी है। पावर ग्रिड को रोड कटिंग की डिमांड बिल 17 करोड़ रुपये भेजा गया है। अभी तक 3.67 करोड़ मिले हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि 10 करोड़ रुपये का टेंडर भी कर दिया गया है लेकिन बजट के अभाव में काम में तेजी नहीं हो पा रहा है।

 

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