‘पिंक सिटी’ जयपुर की करें सैर

  • ‘पिंक सिटी’ जयपुर की करें सैर

    राजस्थान पूरे विश्व में एक ऐसा स्थल है जहां पर्यटक सबसे ज्यादा घूमना पंसद करते हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर जिसे पिंक सिटी के नाम से भी जाना जाता है, पर्यटन की दृष्टि से सबसे सुंदर स्थल है। ये शहर पहाड़ियों पर बने किलों से घिरा हुआ है। इस गुलाबी शहर को घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है क्योंकि इस समय न ज्यादा गर्मी और न ही ज्यादा ठंड होती है। इसलिए इन दिनों जयपुर घूमने के लिए सबसे बढ़िया जगह है। सबसे अच्छी बात ये है कि यहां सभी क्लास के लोग यात्रा कर सकते हैं।
    जयपुर के कुछ मुख्य पर्यटन स्थल हैं जिनके बारे में जानकर आप खुद को वहां जाने से नहीं रोक पाएंगे:-
    अल्बर्ट हॉल संग्रहालय:- जयपुर में रामनिवास बाग के उद्यानों के बीच अल्बर्ट हॉल संग्रहालय या केंद्रीय संग्रहालय है जो राजस्थान के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है। अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम को लंदन के अल्बर्ट संग्रहालय की तर्ज पर बनाया गया है और यह भारतीय-अरब शैली का प्रतीक है। इसका नाम किंग एडवर्ड 7 ने दिया था जो 6 फ़रवरी 1876 को यहां आये थे। इस म्यूजियम में कई पुराने चित्र, हाथी दाँत ,कीमती पत्थर, धातु, मूर्तियाँ रंगबिरंगी कई वस्तुएँ देखने को मिलती हैं। यहां आप प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक घूम सकते हैं। यहां भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री फी 20 रुपये और विदेशी आगंतुकों के 150 रुपये प्रति व्यक्ति है, वहीं छात्रों को यहां विशेष छूट भी दी गई है।
    हवा महल:- शाही हवा महल खूबसूरत गुलाबी शहर का शायद सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला पर्यटन स्थल है। कई खिड़कियों वाले इस महल को महाराजा सवाई प्रताप सिंह द्वारा सन् 1799 में स्थापित किया गया था। यह ‘हवा का महल’ राजस्थान के रंगीन इतिहास और संस्कृति का उदाहरण है। हवा महल भव्य सिटी पैलेस का एक हिस्सा है और इसमें राजस्थान और मुगल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण है। गुलाबी बलुआ पत्थरों से बना यह महल लगभग पांच मंजिल उंचा है और राजस्थान के सबसे उल्लेखनीय स्मारकों में से एक है। हवा महल पर्यटकों के लिए सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम के 4:30 बजे तक खुला रहता है। हवा महल का प्रवेश शुल्क विदेशी यात्रियों के लिए 50 रूपए और भारतीय पर्यटकों के लिए 10 रुपए हैं।
    आमेर का किला:- जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक यह किला जयपुर शहर से 11 किलोमीटर दूर आमेर में पहाड़ियों पर स्थित है। इसका निर्माण राजा मान सिंह-प्रथम ने 1592 में शुरु करवाया था। आमेर दुर्ग हिन्दू तत्वों की कलात्मक शैली के लिए जाना जाता है। अपनी विशाल प्राचीर, दरवाजों, लम्बे घुमावदार रास्तों और ठीक सामने स्थित मावठ झील के कारण देश-विदेश के सैलानियों को ये हमेश से ही अपनी तरफ आकर्षित करता रहा है। आपको बता दें कि इसके खुलने का समय सुबह 8:00 बजे से शाम 5:30 तक का है। भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री फी 100 रुपये है जबकि विदेशी आगंतुकों को 500 रुपये दे कर प्रवेश लेना पड़ता है। यहां भी छात्रों को विशेष छूट दिया गया है। अगर आप इस किले का नज़ारा देखना चाहते है तो आप जयपुर से ऑटो या टैक्सी कर मात्र 250-300 रुपय में यहां पहुंच सकते हैं।
    नाहरगढ़ का किला:- आमेर के किले के साथ-साथ नाहर गढ़ का किला भी जयपुर को कड़ी सुरक्षा प्रदान करता है। असल में किले का नाम पहले सुदर्शनगढ़ था लेकिन बाद में इसे नाहरगढ़ किले के नाम से जाना जाने लगा। इस किले का निर्माण 1734 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितिय ने करवाया था। आपको बता दें कि हिंदी फिल्म “रंग दे बसंती” और “शुद्ध देसी रोमांस” और बंगाली फिल्म “सोनार केल्ला” के कुछ दृश्यों को नाहरगढ़ किले में ही शूट किया गया है। ये किला सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक पूरे सप्ताह खुला रहता है। यहां भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री फी 20 रुपये और विदेशी आगंतुकों के 50 रुपये प्रतिव्यक्ति है।
    जयगढ़ का किला:- जयगढ़ का किला महाराजा जय सिंह ने 18वीं सदी में बनवाया था और यह शानदार किला जयपुर में अरावली की पहाडि़यों पर चील का टीला पर स्थित है। इस किले को जयपुर शहर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाने के लिए बनवाया गया था। ज्यादा उंचाई पर स्थित होने के कारण इस किले से पूरे जयपुर शहर को देखा जा सकता है। यह मुख्य रुप से राजाओं की आवासीय इमारत था लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल हथियार रखने के लिए किया जाने लगा। यहां पर एक तोप भी रखी गई है और ऐसा माना जाता है कि ये एशिया की सबसे बड़ी तोप है। कहा जाता है कि इस तोप के गोले से तालाब जितना गड्ढा बन गया था। इस किले और उसमे रखी तोप को देखने के लिए आप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जा सकते हैं। यहां भारतीय नागरिकों का प्रवेश शुल्क 35 रुपये है जबकी विदेशी सैलानियों को 85 रुपये शुल्क देना होता है।
    सिटी पैलेस:- जयपुर के शाही शहर में स्थित सिटी पैलेस वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस महल की नींव महाराजा जय सिंह द्वितीय ने रखी थी। जलेब चैक और त्रिपोलिया गेट जयपुर के सिटी पैलेस के दो मुख्य प्रवेश द्वार हैं। इस भव्य महल के वास्तुकार कर्नल जैकब ने इसमें मुगल, राजपूत और यूरोपीय शैली की वास्तुकला का मेल किया है। सिटी पैलेस को सप्ताह में किसी भी दिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक देखा जा सकता है। जहां आप अच्छी शॉपिंग कर सकते हैं।
    तो इस सुहाने मौसम में जयपुर ज़रूर क्योंकि घूमने के लिए ये बेहद अच्छी और सुंदर जगह है।