राज्यपाल राम नाईक ने गाजियाबाद सहित इन 3 शहरों में कमिश्नर सिस्टम लागू करने का किया अनुरोध

संक्षेप:

  • वार्षिक रैतिक परेड कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल
  • सीएम योगी से की ये मांग
  • कुंभ को लेकर दिया ये बयान

गाजियाबाद: यूपी के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में वार्षिक रैतिक परेड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुलिस लाइन पहुंचे। जहां राज्यपाल ने मुख्यमंत्री योगी से प्रदेश के तीन जिलों लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का अनुरोध किया।

राज्यपाल ने कहा कि देश के 31 महानगरों में पीसीएस सिस्टम लागू है। 19 जिलों की आबादी 20 लाख के करीब है वहां से सिस्टम लागू है। ऐसे में इस मुद्दे पर विचार किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि इससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था व पुलिस व्यवस्था में काफी सुधार होगा। वहीं, उन्होंने कानून-व्यवस्था की रिपोर्टिंग को लेकर भी मीडिया को संवेदनशील होने की नसीहत दी।

राज्यपाल ने कहा कि 2013 में कुम्भ हुआ तो भगदड़ के कारण बहुत बड़ी छति हुई थी। उसका अनुकरण कर नासिक का कुम्भ सम्पन्न कराया गया। इस बार पहली बार प्रयागराज में कुम्भ का आयोजन हो रहा है। 14, 15 करोड़ लोग पूरी दुनिया से इस बार कुम्भ में आएंगे। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए है। पीएम ने भी तारीफ की है। इस सरकार में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन पुलिस कमिश्नर व्यवस्था व पायलेट प्रोजेक्ट की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस का सिपाही जनता के बीच सरकार का दिखाई देने वाला चेहरा होता है।

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जानिए क्या है कमिश्नर प्रणाली

-शस्त्र लाइसेंस के लिए डीएम के बजाए पुलिस करेगी संस्तुति। कमिश्नर ही सीधे लाइसेंस जारी कर सकता है।
-जिलाधिकारी के अधिकार क्षेत्र सीमित रह जाएंगे।
-शांति भंग की धारा में गिरफ्तार व्यक्ति पर जमानत की कार्रवाई का अधिकार, इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट या एसडीएम केपास नहीं जाना पड़ेगा।
-पोस्टमार्टम के लिए एसडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट की संस्तुति का इंतजार या उनके मौके पर पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा।
-धारा-144 लागू करने का अधिकार डीएम के पास होता है। वह पुलिस रिपोर्ट पर इसे लागू करता है। प्रणाली लागू होने पर पुलिस कमिश्नर ही यह आदेश लागू कर सकता है।
-रैली प्रदर्शन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट या डीएम के बजाए पुलिस देगी अनुमति।
-फायर के लिए एनओसी की जिम्मेदारी।

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