राजस्थान के 1.5 लाख छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

जयपुर।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने जीएसटी कॉउन्सिल द्वारा जीएसटी में दी गई छूटों का स्वागत किया है।

यह इस बात का स्पष्ट संकेत है की सरकार छोटे व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाने के प्रति सजग है और वास्तव में छोटे व्यापारियों के लिए टैक्स प्रणाली को सरल करना चाहती है।

जीएसटी में छूट की सीमा को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने से राज्य के 1.5 लाख छोटे व्यापारी टैक्स दायरे से बाहर हो सकते हैं।

 

उद्योग संगठनों ने किया स्वागत: वहीं राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक संगठन फोर्टी का कहना है कि कम व्यापार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी राहत है।

कम्पोजीशन स्कीम की सीमा को 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए करने का निर्णय काफी समय से लंबित था और इस निर्णय से राज्य भर में 60 हजार से एमएसएमई यूनिट्स को फायदा होगा।

 

कम्पोजिशन योजना:जीएसटी के तहत पंजीकृत इकाइयों की संख्या 1.17 करोड़ से अधिक है।

इनमें से 18 लाख इकाइयों ने कम्पोजिशन योजना का विकल्प चुना है।

नियमित करदाता को मासिक आधार पर कर देना होता है जबकि कम्पोजिशन योजना के तहत आपूर्तिकर्ता को तिमाही आधार पर कर चुकाना होता है।

 

ये प्रक्रिया भी दुरुस्त हों:उद्योग संगठनों का कहना है कि सरकार का कुछ अन्य विषयों पर सरकार का ध्यान जाना बेहद आवश्यक है इसमें प्रमुख रूप से समय से व्यापारियों को रिफंड मिलना, ऑटो पाट्र्स, एल्युमीनियम के बर्तन आदि पर टैक्स की दर को कम करना तथा रिटर्न को मासिक की जगह तिमाही करना आदि शामिल हैं पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और तुरंत इनका भी समाधान करना चाहिए?

 

कम्पोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ाया जाना राज्य के एमएसएमई ट्रेडर्स के लिए संजीवनी जैसा है, हम लम्बे समय से इसकी मांग कर रहे थे।

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