ट्विन टावर को ध्वस्त करने के लिए लगाए गए 300 किलो विस्फोटक, स्थानीय इमारतों के लोग डर से छोड़ने लगे सोसाइटी

संक्षेप:

  • 28 तारीख को ध्वस्त किया जाएगा ट्विन टावर।
  • पलवल से पहुंचा 300 किलो विस्फोटक।
  • विस्फोटक के कारण लोगों में है डर का माहौल।

नोएडा. नोएडा के सेक्टर-93 स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर (एपेक्स और सियान) ध्वस्त करने की तैयारियां तेजी से जारी हैं। रविवार को दोनों टावर के तीन और ऊपरी तलों पर करीब 300 किलो विस्फोटक लगा दिए गए। आसपास की इमारतों में रहने वाले लोग इससे सहमकर घर छोड़कर जाने लगे हैं।

घरों के ढकने से नहीं आ रही धूप और हवा

वहीं धूल के गुबार से बचाने के लिए 15 दिन पहले ही एमराल्ड और एटीएस विलेज सोसाइटी के टावरों को जिओ टेक्सटाइल फाइबर से ढक दिया गया है। इससे घरों में आने वाली धूप और हवा बाधित हो गई है। इमारतें ढक जाने से एसी भी काम नहीं कर पा रहे।

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रविवार को एमराल्ड सोसाइटी की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) की बैठक के दौरान दमघोंटू माहौल से निवासियों को हो रही परेशानी का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। एओए पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि एडिफिस कंपनी ने अंतिम ब्लास्ट से तीन दिन पहले नजदीकी इमारतों को ढकने की बात कही थी, लेकिन 15 दिन पहले ही जिओ फाइबर की मोटी चादरों से इमारतों को ढक दिया गया है। ऐसी स्थिति में घरों में रह पाना मुश्किल हो रहा है।

विस्फोटक के कारण लोगों में है डर का माहौल

साथ ही, इमारतों पर डाली गई चादरों से आग का खतरा भी बढ़ गया है। एस्टर-1,2,3 और एस्पायर-1 के अलावा एटीएस विलेज के टावरों को ढक दिया गया है। ट्विन टावर के नजदीक आवासीय इमारत एस्टर-दो और एटीएस सोसाइटी से कई लोग कुछ समय के लिए घर छोड़कर जा चुके हैं। टावरों को गिराने के लिए लगाए जा रहे विस्फोटक भी लोगों के डर का कारण बने हुए हैं।

पलवल से पहुंचा 300 किलो विस्फोटक

रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच करीब 300 किलो विस्फोटक लेकर वाहन पलवल से नोएडा पहुंचे। दिनभर विस्फोटक लगाने का काम जारी रहा। दोनों टावरों के तीन-तीन तलों पर विस्फोटक लगाए गए। इन दिनों सिर्फ पुलिस, एडफिस और जेट डिमोलिशन कंपनी के प्रतिनिधियों को ही परिसर में जाने की अनुमति है।

28 की सुबह 8:30 बजे तक छोड़ने होंगे घर

एमराल्ट सोसाइटी की एओए की बैठक के दौरान तय किया गया कि टावर गिराए जाने के दिन 28 अगस्त को सुबह 8:30 बजे तक हर हाल में चारों आवासीय इमारतों में रहने वालों को बाहर निकलना होगा। सलाह दी गई कि एक दिन पहले ही लोग अपने घरों को ताला लगाकर उनपर सील लगाने के बाद फोटो खींचकर एओए के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेज दें। बालकनी में रखे स्टैंड, गमले, बाल्टी आदि सामान को हटा दें, ताकि विस्फोट के दौरान यह सामान उड़कर किसी को चोट नहीं पहुंचाए।

ट्विन टावर ध्वस्त होने के बाद शाम को सीबीआरआई की तरफ से क्लीयरेंस मिलने के बाद एओए की सुरक्षा एजेंसी मौका मुआयना करेगी। इसके बाद लोगों को वापस उनके घरों में जाने की अनुमति दी जाएगी। बैठक में एओए अध्यक्ष यूबीएस तेवतिया, भरत चोपड़ा, विंग कमांडर मोहित गर्ग, नरेश केसवानी, गौरव मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे।

बीमार लोगों के अस्पताल तैयार, एंबुलेंस रहेंगी अलर्ट

एमराल्ड सोसाइटी में रहने वाले बीमार लोगों के लिए नजदीकी अस्पताल में व्यवस्था की जा रही है। सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल के आठ बेड आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल की चार एंबुलेंस भी अलर्ट रहेंगी। इसके अलावा जेपी और यथार्थ अस्पताल से भी एओए की वार्ता चल रही है।

सीधी जमींदोज नहीं हुई तो सड़क पर गिरेंगी इमारतें

ट्विन टावर के पिलरों में 900 से अधिक छेद किए गए हैं, इनमें विस्फोटक लगाए जाएंगे। जिस तरफ अन्य आवासीय सोसाइटी हैं, उस तरफ दो तलों के अंतर पर पिलरों में विस्फोटक लगाए जा रहे हैं। सड़क की तरफ टावरों के एक तल को छोड़कर एक पर विस्फोटक फिट किए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि विस्फोट के दौरान किसी कारणवश टावर सीधे जमींदोज नहीं हुए तो उनका झुकाव सड़क की तरफ रहे। आवासीय सोसाइटियों को नुकसान नहीं पहुंचे।

18 को समीक्षा और 25 को होगी मॉक ड्रिल

ट्विन टावरों को 28 अगस्त को ध्वस्त किया जाएगा। इससे पहले 18 अगस्त को पुलिस, प्राधिकरण, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, दमकल के अलावा अन्य विभागों और एडिफिस इंजीनियरिंग के अधिकारियों की बैठक होगी। इसके बाद 25 अगस्त को मॉक ड्रिल कर आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा जाएगा।

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