क्यों मोदी कैबिनेट से बाहर हुए महेश शर्मा? क्या सीडी मामले ने ले ली मंत्रीजी की कुर्सी ?

संक्षेप:

  • उम्मीद की जा रही थी कि मोदी कैबिनेट में महेश शर्मा को जगह मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
  • मंत्री नहीं बनाए जाने के बाद चर्चा इस बात की जोरों पर है कि क्या महेश शर्मा को कैबिनेट में जगह कथित सीडी मामले के चलते नहीं मिली.
  • या फिर उनको पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी.

नोएडा: लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के साथ दोबारा से सत्ता में वापसी करने वाले नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. पीएम मोदी के साथ 57 मंत्रियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलाई. देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से नरेंद्र मोदी समेत 9 लोगों को कैबिनेट में शामिल किया गया. उम्मीद की जा रही थी कि मोदी कैबिनेट में महेश शर्मा को जगह मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मंत्री नहीं बनाए जाने के बाद चर्चा इस बात की जोरों पर है कि क्या महेश शर्मा को कैबिनेट में जगह कथित सीडी मामले के चलते नहीं मिली या फिर उनको पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी.

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार महेश शर्मा गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट से जीतकर नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल हुए थे. मोदी कैबिनेट में महेश शर्मा को संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई थी. पांच साल तक उनके मंत्रालय में कोई फेरबदल नहीं किया गया. महेश शर्मा के पिछले कार्यकाल को देखते हुए लग रहा था कि इस बार भी उन्हे कैबिनेट में जगह मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब चर्चा उस सीडी मामले की हो रही है जिसके जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था. एक महिला पत्रकार द्वारा फोन कर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था. दरअसल मार्च महीने में पत्रकार ने केंद्रीय मंत्री से बात कर एक वीडियो बना लिया था, उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर उनसे दो करोड़ रुपए की मांग की जा रही थी. महेश शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने कैलाश अस्पताल से पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया. इस सबके पीछे एक बंद हो चुके चैनल का मालिक मास्टर माइंड था.

इसके अलावा महेश शर्मा को मंत्री न बनाए जाने के बाद यह भी कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी संगठन में तो नहीं भेजा जा रहा है. दरअसल उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय को मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया है. इस तरह से महेंद्रनाथ पांडेय की जगह किसी अन्य को पार्टी की कमान दी जा सकती है. ऐसे में माना जा रहा है कि महेंद्रनाथ पांडेय की जगह महेश शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा जिसकी वजह से उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया. दरअसल महेश शर्मा का नाम इससे पहले भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चर्चा में आया था. इसके अलावा यूपी के विधानसभा चुनाव में महेश शर्मा सीएम की रेस में भी शामिल थे, लेकिन बाद में योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगी थी.

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