गोरखपुर में अनपढ़ महिला आश्रितों को मिलेगी नौकरी

संक्षेप:

  • पूर्वोत्तर रेलवे की नई पहल
  • अनपढ़ महिला आश्रितों को मिलेगी नौकरी
  • देना होगा अक्षमता का उचित प्रमाण पत्र

गोरखपुर: रेलवे ने नई पहल शुरू करते हुए अनपढ़ महिलाओं को भी नौकरी देने का फैसला किया है. इसके लिए 57 साल के ऐसे कर्मचारी जो किसी कारण से नौकरी करने में सक्षम नहीं हैं, परिवार का भरण पोषण महिलाओं पर ही निर्भर है तो उसे नौकरी मिलेगी. हालांकि रेल कर्मचारियों की महिला आश्रितों को रेलवे में पहले भी नौकरी देने की व्यवस्था थी.

रेलवे ऐसे कर्मचारियों से आवेदन भी मांगा है जो अपने पाल्यों को नौकरी देना चाहते हैं. मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि रेलवे बोर्ड से जो निर्देश मिले हैं, उसमें मृत रेलकर्मी की निरक्षर पत्नी को चतुर्थ श्रेणी में नौकरी दी जाएगी. यही नहीं यह तैनाती महिला को उसके घर के पास के दफ्तरों में दी जाएगी. जहां उसे अधिकतम आठ घंटे ही काम करना पड़े.

रेलवे ने नियमों में बदलाव कर शैक्षिक अनिवार्यता की बाध्यता को खत्म कर दिया है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस व्यवस्था से पूर्वोत्तर रेलवे में 100 से ज्यादा मृत रेलकर्मियों की पत्नियों की नौकरी का रास्ता साफ हो गया है.

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रेलवे में पहले मृतक आश्रित के तौर पर न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल थी, जबकि खलासी और रनिंग स्टाफ के लिए आईटीआई की योग्यता जरूरी थी. शैक्षिक योग्यता के चलते मृत रेलकर्मियों की अनपढ़ पत्नियों के सामने नौकरी की समस्या खड़ी हो जाती थी. इसमें बोर्ड के आदेश के बाद बदलाव संभव हो गया है. यही नहीं 57 साल तक नौकरी कर चुके रेलकर्मी भी अपने पाल्यों को नौकरी देने के लिए आवेदन विभाग को कर सकते हैं. साथ ही अपनी अक्षमता का उचित प्रमाण पत्र भी उन्हें देना होगा.

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