अनकही-अनसुनी लखनऊः यहां भीड़ में भी मिलती है खुशी

अनकही-अनसुनी लखनऊः यहां भीड़ में भी मिलती है खुशी

28000 रुपए में बेचा था अमीनाबाद को लखनऊ वासियों का जहां बसता है दिल महात्मा गांधी का क्या है लखनऊ कनेक्शन ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनीः लखनऊ के बारादरी की दिलचस्प दास्तान

अनकही-अनसुनीः लखनऊ के बारादरी की दिलचस्प दास्तान

क्या है `बारादरी` और इनकी कहानी कैसे पड़ा बनारसी बाग नाम यही हुई थी फिल्म उमराव जान के मुजरे की शूट ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनी: जानिए कैसे बनीं धनुष-बाण और 2 मछलियां उत्तर प्रदेश की पहचान

अनकही-अनसुनी: जानिए कैसे बनीं धनुष-बाण और 2 मछलियां उत्तर प्रदेश की पहचान

उत्तर प्रदेश के राज्य चिन्ह का है लखनऊ के इतिहास से करीबी रिश्ता गोविंद बल्लभ पंत ने प्रतीक चिह्न अपनाने के लिए किया था लम्बा संघर्ष 1916 में शुरू हुई थी उत्तर प्रदेश के प्र... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनीः लखनऊ के इस्लामिक स्मारकों पर उतरे शब्दों की दास्तान

अनकही-अनसुनीः लखनऊ के इस्लामिक स्मारकों पर उतरे शब्दों की दास्तान

लखनऊ में परवान चढ़ी थी हस्तशिल्प विद्या तुघ्रा नवीसी लखनऊ की इस्लामिक तहज़ीब का है बेहद ख़ूबसूरत हिस्सा किसी पाण्डुलिपि से केवल नक़ल करने को कहते है किताबत ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनीः लखनऊ की शान रूमी दरवाज़े की दास्तान

अनकही-अनसुनीः लखनऊ की शान रूमी दरवाज़े की दास्तान

खूबसूरत बनावट के लिए फेमस है रूमी दरवाज़ा रूमी दरवाजे को तुर्की दरवाजा भी कहते है इसे बनाने में लगे दो साल का समय ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनी लखनऊः सआदत अली खान के मकबरे की खासियत

अनकही-अनसुनी लखनऊः सआदत अली खान के मकबरे की खासियत

चंद खास मकबरों में से एक है सआदत अली खान के मकबरे इस इमारत की कारीगरी बड़े इमामबाड़े से भी बेहतरीन है इसके पूर्व में उनकी बेगम खुर्शीद ज़दी का भी मकबरा है ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनीः मशहूर है लखनऊ का गड़बड़झाला बाजार

अनकही-अनसुनीः मशहूर है लखनऊ का गड़बड़झाला बाजार

गड़बड़झाला बाज़ारः खरीदारी का मोहक क्षण चूड़ियों की खनखनाहट गुलजार गड़बड़झाला बाजार अमीनाबाद के तंग गलियों में है गड़बड़झाला बाजार ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनीः 1820 में लखनऊ में बनी थी पहली शेरवानी

अनकही-अनसुनीः 1820 में लखनऊ में बनी थी पहली शेरवानी

1820 में लखनऊ में बनी थी पहली शेरवानी अचकन 2200 साल से है हिंदुस्तान की पौशाक  अचकन को जवाहरलाल नेहरु ने दी नई पहचान ... ...(विस्तार से पढ़ें)


अनकही-अनसुनीः चौक का शहजादा जिसने लखनऊ को उसकी ठेठ जुबान दी 

अनकही-अनसुनीः चौक का शहजादा जिसने लखनऊ को उसकी ठेठ जुबान दी 

चौक के शहजादे थे अमृतलाल नागर अमृतलाल नागर ने दी लखनऊ को ठेठ जुबान उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था ... ...(विस्तार से पढ़ें)


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