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                 वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन को तोड़ने वालों पर पुलिस सख्ती से पेश आ रही है।

                 लॉकडाउन के दौरान वाराणसी में फंसे दूसरे राज्यों के परिवारों के साथ बच्चे भी शामिल हैं। बिहार के रहने वाले बोधी लाल, उनकी पत्नी गीता और 5 बच्चे घर नहीं जा पाये।

                 पूर्वांचल में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट लिया और कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार शाम करीब चार बजे से ही आसमान में बदल छाने लगे थे।

                 मिर्जापुर के लालगंज क्षेत्र के एक गांव में मुंबई से होली पर लौटे युवक ने गांव वालों द्वारा कोरोना वायरस संक्रमित बताने से परेशान होकर शुक्रवार की दोपहर कीटनाशक खा लिया।

                 कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक नई मुहिम शुरू की है।

                 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देश में लॉक डाउन प्रभावी है। ऐसे में  देशभर में 21 दिनों के लॉक डाउन से सबसे ज्यादा दिक्कत बाहर कमाने गये लोगों को घर वापस लौटने में हो रही है।

                 कोरोना महामारी की वजह से प्रभावी लॉक डाउन में असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए जिला प्रशासन के साथ ही सामाजिक संगठनों ने भी मदद को हाथ आगे बढ़ाया है।

                 कोरोना महामारी से बचाव के लिए देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लागू कर दिया है। लोग घरों में कैद हो गए हैं। रोजी-रोजगार पूरी तरह से ठप हो गया है।

                 कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी लॉकडाउन ने दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी दुकानदारों की रोजी छिन ली है। उनके समक्ष उत्पन्न भोजन की समस्या के समाधान के लिए जिले के समाजसेवी और सामाजिक संगठन आगे आए हैं।

                 सोशल डिस्टेंसिंग के तहत वारणसी प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार को डीरेका इंटर कॉलेज खेल मैदान में सब्जी व फल की दुकानें लगाई गई। दुकानों के बाहर एक-एक मीटर की दूरी पर खड़े होकर ग्राहकों ने खरीदारी की।

                 कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सैनिटाइजर से हाथों की सफाई करने के साथ ही बाहर निकलने पर मास्क लगाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

                 देश के साथ ही आजमगढ़ में भी लॉकडाउन की वजह से बहुत सारे परिवार रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों में फंस गए हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ऐसे जरूरतमंदों, गरीब परिवारों के मदद की अपील कर चुके हैं।

                 वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन को तोड़ने वालों पर पुलिस सख्ती से पेश आ रही है। लेकिन पुलिस कभी-कभी इसी रूप से ऐसे लोगों के खिलाफ भी पेश आ रही है...

                 कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी संस्थानों में बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत आईआईटी बीएचयू ने एक नई पहल की है। इसके तहत संस्थान में सैनिटाइजर बनाकर उसे अलग-अलग जगहों पर वितरित कराया जा रहा है।

                 लॉकडाउन में आमजन तक रोजमर्रा की चीजों को पहुंचाने के लिए प्रशासन ने होम डिलिवरी शुरू कराई है। आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध कराए जाने के लिए 325 चार पहिया वाहन तथा 412 व्यक्तियों को डिलिवरी के लिए लगाया गया है।

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