इलाहाबाद कल आज और....बूंद-बूंद से मोती बनाती सीपियां

इलाहाबाद कल आज और....बूंद-बूंद से मोती बनाती सीपियां

  • डांडी के गांव क्षेत्र के बाशिंदे सबसे बड़े जीवन्त मोती पैदा करने वाले वैज्ञानिक बन चुके हैं।
  • वो `सीप` से बातें करता है, लैब में जब `वो` बैठता है, तो सीप आहिस्त ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और….`बूंद और समुद्र` का कथानक और राजनीति की दहलीज   

इलाहाबाद कल आज और….`बूंद और समुद्र` का कथानक और राजनीति की दहलीज  

  • तुगलक भी अपने पुरखों-सम्राट अकबर की तरह त्रिवेणी संगम से `गंगाजल`  मंगवाकर नियमित पीता था। 
  • बात आठवें दशक की है, जब गंगा-यमुना में बाढ़ का झोंका आया तो `चा ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और....

इलाहाबाद कल आज और...."मालवीय नगर" की दास्तान

  • इतिहास के पन्नों में झांकने और उसे पलटने की ज़रूरत है। ताकि `हाईटेक` युग की पीढ़ी अनभिज्ञ न रह सके।
  • इसी खुले आसमान के नीचे `पीपल वृक्ष` की छांव तले महामना पण् ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद: कल आज और....  डॉ बच्चन और गली-गली मधुशाला

इलाहाबाद: कल आज और.... डॉ बच्चन और गली-गली मधुशाला

 सुबह का वक्त। सर्किट हाउस में आवाजाही बढ़ गयी थी। वास्तव में फिल्म जगत के मेगास्टार अमिताभ बच्चन (मुन्ना) अपने गृह नगर इलाहाबाद पहुंचे थे। उनकी पत्नी जया भादुड़ी और छोट ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और.... `मैग्नाकार्टा` से `महामना उद्यान` तक

इलाहाबाद कल आज और.... `मैग्नाकार्टा` से `महामना उद्यान` तक

गोरी सरकार ने कितने ही रणबांकुरों को मौत के घाट तब उतार दिया था। कम्पनी बाग का क्षेत्र हो अथवा पुराने चौक का इलाका।

आज भी गवाही देता अपनी पहचान को बताता `नीम का विशाल वृक ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद: कल आज और... परम्पराओं में जीने वाला `कीडगंज मुहल्ला`

इलाहाबाद: कल आज और... परम्पराओं में जीने वाला `कीडगंज मुहल्ला`

"कीडगंज"  की पहचान में जुड़ी है, तीर्थराज प्रयाग के तीर्थ पुरोहितों की पारम्परिक जीवन शैली। आज भी उसी शैली, शौक, शान से जीना ही नहीं चाहता बल्कि तमाम विसंगतियों से जूझत ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद: कल आज और...  लल्लन टॉप है दारागंज

इलाहाबाद: कल आज और... लल्लन टॉप है दारागंज

गंगा-जमुनी तहजीब से दीदार करना है, तो वैदिक शहर इलाहाबाद के `हाईटेक` होने की पेंग के साथ दारागंज मुहल्ले में भ्रमण करना होगा, जहां एक ओर संस्कृत देववाणी के श्लोकों की अनुगूं ...(विस्तार से पढ़ें)


 अपनी पहचान में हाईटेक की पींग बढ़ाता वैदिक शहर इलाहाबाद कल आज और...

अपनी पहचान में हाईटेक की पींग बढ़ाता वैदिक शहर इलाहाबाद कल आज और...

21वीं सदी की किस पीढ़ी को इलाहाबाद की इस दास्तान का पता है? शायद किसी को नहीं? इलाहाबाद की हर गली कूचे की मिट्टी लखौड़ी ईंटों में झांकिए आपको न जाने कैसी-कैसी कहानियां दफन आपन ...(विस्तार से पढ़ें)


करवट लेता अलसाया शहर इलाहाबाद कल, आज और...

करवट लेता अलसाया शहर इलाहाबाद कल, आज और...

अलसाया शहर इलाहाबाद बदल गया है। आज करवट ले रहा है। सदियां बीत गयीं, परन्तु इसकी पहचान जो प्राचीन थी अब अर्वाचीन हो रही है। करवट लेता अलसाया शहर इलाहाबाद में तो शिक्षा के मा ...(विस्तार से पढ़ें)


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