इलाहाबाद कल आज और...पाठक ने बनाई जब ‘शहीद वाल’ बनी नई मिसाल

इलाहाबाद कल आज और...पाठक ने बनाई जब ‘शहीद वाल’ बनी नई मिसाल

आजादी की लड़ाई में इलाहाबाद के न जाने कितने ही अनजान शहीदों ने दिया बलिदान गांव-गांव घूम कर निकाला गया इलाहाबाद के 14 शहीदों का नाम अनाम शहीदों में मौलवी लियाकत अली की कह... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...शहर उत्तरी गंगा किनारे रसूलाबाद में था ‘साहित्य संस्कारधानी’

इलाहाबाद कल आज और...शहर उत्तरी गंगा किनारे रसूलाबाद में था ‘साहित्य संस्कारधानी’

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने विदेशी वस्त्रों की जलाई थी होली कड़ाधाम के पास के गांव में जिझोतिया ब्रह्म समाज भी कभी रहा करता था कितने ही महान विभूतियों की अन्तिम क्रिया... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...रोवर-रेन्जर काउन्सिल ने लिखी जब नई कहानी

इलाहाबाद कल आज और...रोवर-रेन्जर काउन्सिल ने लिखी जब नई कहानी

इलाहाबाद बहती त्रिवेणी के साथ कथानकों को अपनी झोली में सहेजता रहता है। फिराक गोरखपुरी कहते थे- सबकुछ बदल गया, ससुरा इलाहाबाद नहीं बदला। इलाहाबाद तो है, नित नई खेप भी आ रही ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...ऐतिहासिक और यादगार रहा इलाहाबाद का आकाशवाणी 

इलाहाबाद कल आज और...ऐतिहासिक और यादगार रहा इलाहाबाद का आकाशवाणी 

आकाशवाणी इलाहाबाद की  रही है अपनी पहचान छात्रों के बातचीत को गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर किये जाते थे रेडियो पर प्रसारित घर-घर लोकप्रियता के शिखर पर रहती थी रेडियो की दु... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...विकास के नये सोपान-नये युग के नये आयाम

इलाहाबाद कल आज और...विकास के नये सोपान-नये युग के नये आयाम

 पं. नेहरू प्रधानमंत्री के रूप में जब भी इलाहाबाद पहुंचते तो काला झण्डा दिखाते थे छुन्नन गुरु। यहीं पर हुआ था दो भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय और राजर्षि पुरुषोत्त... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...इलाहाबादी ‘चौकड़ी’ ने बनाई बम्बइया ‘चाण्डाल चौकड़ी’

इलाहाबाद कल आज और...इलाहाबादी ‘चौकड़ी’ ने बनाई बम्बइया ‘चाण्डाल चौकड़ी’

सिविल लाइन्स क्षेत्र का अधिकांश इलाका जौनपुर जिले के जमींदार स्वतंत्र कुमार सिंह के परिवार का था। इलाहाबादी चौकड़ी ने जब कथानक को जन्म देने की ठानी, तो आपातकाल की घोषणा च... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...हरी-पीली-गुलाबी कॉलोनी की कहानी

इलाहाबाद कल आज और...हरी-पीली-गुलाबी कॉलोनी की कहानी

इलाहाबाद लेखक, समाज सुधारक, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, कवि, कथाकार, फिल्मकार, कलाकारों की धरती कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द के पुत्र अमृत राय ने यहां के सर्किट हाउस के करीब अपना ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...जब रंगमंचों ने बदली इलाहाबाद की शाम

इलाहाबाद कल आज और...जब रंगमंचों ने बदली इलाहाबाद की शाम

पृथ्वीराज कपूर को लोगों ने दिया था दिल खोलकर दान। उस काल में रंगकर्मियों के तीन-चार खेमें इलाहाबाद के ही थे। रंगकर्मी दिन में अपने क्षेत्रों में काम करते, तो शाम ढले रिह... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...पजावा-पत्थरचट्टी रामदलों की चाहत में जुटती भीड़

इलाहाबाद कल आज और...पजावा-पत्थरचट्टी रामदलों की चाहत में जुटती भीड़

इलाहाबाद में दशहरा के अवसर पर ‘रामदल’ निकालने की परम्परा जारी। इलाहाबाद दशहरा पर निकलने वाली झांकियों पर नेशनल ज्योग्राफिक चैनल के लिए बन चुकी है फिल्म। डॉ. लाल बहाद... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...फिल्म `गांधी` का अन्तिम दृश्य और हाईटेक नगरी की दास्तान

इलाहाबाद कल आज और...फिल्म `गांधी` का अन्तिम दृश्य और हाईटेक नगरी की दास्तान

अभी भी रात 10 बजे इलाहाबाद भयावह ही हो जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अस्थि कलश यहीं संगम त्रिवेणी में विसर्जित हुआ था। गांधी फिल्म जब प्रर्दशित हुई तो उसमें बमुश्... ...(विस्तार से पढ़ें)


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