वाराणसी में बीजेपी पर बरसे अखिलेश यादव, बोले- समाजवादी पार्टी चंदा नहीं देती, दक्षिणा देती है

संक्षेप:

संत रविदास जन्मस्थली पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

बीजेपी पर लगाया समाजवादी पार्टी की योजनाएं चुराने का आरोप

‘समाजवादी पार्टी चंदा नहीं देती, दक्षिणा देती है’

संत रविदास की 644वीं जयंती पर उनके जन्मथल पर धर्म और राजनीति का संगम देखने को मिला... समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव समेत कांग्रेस की प्रियंका गांधी और बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान भी दर्शन कर पूजा अर्चना करने पहुंचे...

 

सियासी दौरों से साफ है कि राज्य में विधानसभा चुनावों में भले ही अभी वक्त हो, लेकिन उसकी सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है... संत रविदास की जन्मस्थली पहुंचे अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.. उन्होने कहा मंदिर में दक्षिणा दी जाती है, चंदा नहीं... समाजवादी लोग जिस मंदिर में जाते हैं, दक्षिण देते है, आज भी जिन मंदिरों में गए दक्षिणा दी... अयोध्या भी जाएंगे तो दक्षिणा देंगे...

ये भी पढ़े : पंचायत चुनाव: भाजपा के 10 नेताओं ने की पार्टी से बग़ावत, छह साल के लिए किया निष्कासित


 

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हर चीज महंगी हो गई, डीजल पेट्रोल के साथ गैस की कीमत बढ़ गई हैं... लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है.. उज्जवला के नाम पर वोट लिया गया अब उसकी कीमत बढ़ा दी गई है.. अखिलेश ने सवाल किया कि पेट्रोल से हो रहा मुनाफा कहां जा रहा है... उन्होंने कहा कि जो मां गंगा को धोखा दे सकते हैं किसी को भी दे सकते हैं... इतना ही नहीं अखिलेश ने आगामी चुनावों के बारे में बताते हुए कहा कि चुनाव में सपा सभी छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी..

 

अखिलेश यादव ने कहा कि सूबे में सपा की सरकार बनने पर प्रत्येक महिला के खाते में एक हजार रुपये भेजे जाएंगे... अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी ने समाजवादी सरकार की योजनाओं को चुराकर उनका नाम बदल दिया है... बीजेपी ने समाजवादी पेंशन योजना को चुराकर किसान सम्मान निधि बना दिया... समाजवादी पेंशन योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को पांच सौ रुपये सपा सरकार ने दिया है...

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य वाराणसीकी अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles