वाराणसी में सस्पेंस खत्म;अजय राय देंगे पीएम मोदी को चुनौती, मिला टिकट

संक्षेप:

  • कांग्रेस ने वाराणसी में महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने के सस्पेंस से पर्दा उठा दिया है।
  • प्रियंका मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी।
  • कांग्रेस ने वाराणसी में एक बार फिर पूर्वांचल के बाहुबली नेता अजय राय पर भरोसा जताया है।

कांग्रेस ने वाराणसी में महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने के सस्पेंस से पर्दा उठा दिया है। प्रियंका मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी। बुधवार को कांग्रेस ने वाराणसी व गोरखपुर में अपने प्रत्याशी उतार दिया है। कांग्रेस ने वाराणसी में एक बार फिर पूर्वांचल के बाहुबली नेता अजय राय पर भरोसा जताया है। अजय राय 2014 के चुनाव में मोदी के खिलाफ मैदान में थे। लेकिन उन्हें महज 75 हजार वोटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस ने गोरखपुर में मधुसूदन तिवारी को टिकट दिया गया है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पिछले दिनों पूर्वांचल के लिए लोकसभा चुनाव अभियान का पहला दौरा प्रयागराज से वाराणसी का किया खा इस दौरान वो गंगा नदी में बोट के सहारे पहुंचीं. रास्ते में वो मंदिर और मजार पर माथा टेकते हुए और गंगा के दोनों किनारे बसे हुए लोगों से संवाद करते हुए काशी पहुंचीं थी.

प्रियंका ने जिस तरह से वाराणसी में सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी को लेकर घेरा और सवाल खड़े किए हैं. इसके बाद से कायास लगाया जा रहा था कि मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी चुनावी मैदान में उतर सकती है. इतना ही नहीं प्रियंका ने खुद भी रायबरेली में लोगों से कहा था कि वाराणसी से लड़ जाऊं तो. इसके बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस प्रियंका को उतार सकती है, लेकिन पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार प्रियंका के वाराणसी से उतरने पर पूर्ण विराम लगा दिया था.

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वाराणसी लोकसभा सीट पर सातवें चरण में वोट डाले जाएंगे. यहां के जातीय समीकरण को देखें तो ब्राह्मण, वैश्य और कुर्मी मतदाता काफी निर्णायक भूमिका में हैं. करीब तीन लाख वैश्य, ढाई लाख कुर्मी, ढाई लाख ब्राह्मण, तीन लाख मुस्लिम, 1 लाख 30 हजार भूमिहार, 1 लाख राजपूत, पौने दो लाख यादव, 80 हजार चौरसिया, एक लाख दलित और एक लाख के करीब अन्य ओबीसी मतदाता हैं.

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