स्वामी जितेंद्रानंद ने कांग्रेस के किसान न्याय यात्रा आंदोलन पर किया तीखा प्रहार, बोले- यह आंदोलन सिर्फ हिंदू समाज और संस्कृति के खिलाफ

संक्षेप:

  • किसान आंदोलन की आड़ में हिन्दू संस्कृति का विरोध।
  • आंदोलनकारियों की भेष में ईसाई मिशनरियों के एजेंट, आईएसआई के एजेंट।
  • इसके पीछे पूरा पाकिस्तान खड़ा है।

वाराणसी- अखिल भारतीय संत समिति के स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कांग्रेस के किसान न्याय यात्रा आंदोलन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह किसान आंदोलनकारियों की मंशा सिर्फ और सिर्फ विराट हिंदू समाज के संस्कृति, संस्कार और धर्म के विरोध की है। किसान आंदोलनकारियों की भेष में ईसाई मिशनरियों के एजेंट, आईएसआई के एजेंट और इसके पीछे पूरा पाकिस्तान खड़ा है।

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के अंदर हिंदू विरोधी ताकतों के रूप में ये सारे आतंकवादी दस्ते इनके साथ खड़े हैं। यह तथाकथित खालिस्तानियों का आंदोलन है।

प्रियंका ने बाबा विश्वनाथ और मां कुष्मांडा के दर्शन किए
किसान न्याय यात्रा के लिए बनारस पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को बाबा विश्वनाथ का पूजन किया और मां अन्नपूर्णा के दरबार में तिलक भी लगाया था। उसके बाद प्रियंका गांधी ने दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा के दरबार दर्शन-पूजन किया। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की कामना की। मां के दरबार में माथा टेक प्रियंका ने फूलों की माला मां को अर्पित की और परिक्रमा भी लगाया।

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रैली में भाजपा सरकार पर साधा था निशाना
वाराणसी के रोहनिया के जगतपुर इंटर कालेज के मैदान में कांग्रेस की किसान न्याय रैली में पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मां दुर्गा के मंत्रों से अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रदेश में सोनभद्र से लेकर लखीमपुर खीरी तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं न्याय चाहिए। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब हम तक डटे रहेंगे। उन्होंने कहा, सच्चाई बोलने से क्यों डर रहे हैं। देश नष्ट हो रहा है। बात अब चुनाव की नहीं है, देश को बचाने की है।

`आपके दरवाजे पर क्या विकास पहुंचा`
उन्होंने कहा, अपने अंतर्मन में झांकिए और खुद से सवाल पूछिए कि क्या इन सात सालों में आपके जीवन में तरक्की आई, विकास आपके दरवाजे पर आया? अगर जवाब नहीं है तो सरकार बदलिए। आपको आतंकवादी, आंदोलनजीवी और उपद्रवी कहने वालों को न्याय देने के लिए मजबूर कीजिए। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि 300 दिन के आंदोलन में 600 किसानों की मौत हुई है।

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